From Present To Past : Romantic love story in hindi


  •  Chapter 1 - Acedint

  • सुधा एक अनाथ लड़की थी। उसके माता पिता के जाने के बाद
  •  उसके परिवार बालों ने उसे अनाथालय में भेज दिया और उसके माता पिता कि जायदाद आपने नाम कर लिया। सुधा भुत 
  • , time travel, जादु और किस्मत जैसी सिछो पर विश्वास नहीं करती थी। हाँ पहले करती थी जब वह छोटी थी।
  • एक पंडित ने बचपन में उसे देखकर भविष्यवाणी कि थी कि सुधा कि किस्मत खास है। वह आपने माता पिता के लिए lucky हैं।
  •  लेकिन उसी दिन उसके माता पिता कि मौत हो गयी। और सुधा का भगवान से विश्वास उठ गया। लेकिन उसके उलट
  •  सुधा कि best friend आकांक्षा बिना राशिफल देखे बिस्तर से भी नहीं उठती थी। 
  • R S university में पहला class चल राहा था। तभी दो लड़की छुपते छुपाते अंदर आ गये और आपने seat कि तरफ 
  • जाने लगे। professor black board के सामने खरे होकर कुछ लिख रहे थे। तभी बिना पीछे मुड़े उन्हें ने काहा रूको।
  • यह सुनते ही दोनों लड़कियो के पाँव वही
  •  रूक गये। professor पीछे मुड़े और उनकी तरफ देखकर कहा "यह कोई कॉलेज आने का time है?"
  • उसमें से एक लड़की बोली "नहीं sir"
  • Professor थोड़ा गुस्से में बोले "अब तुम professor को जबाब दोगी?"
  • वह लड़की बोली "हाँ sir"
  • यह सुनकर professor उसे बुरी तरह घूरने लगें
  • । यह एहसास होते ही कि उसने कुछ गलत बोल दिया वह घबराहट के मारे बोली "sorry sir no sir sorry sorry"
  • Professor ने खुद को गुस्से से बाहर निकल ने के लिए दुसरी लड़की कि तरफ देखा और कहा "और तुम। तुम 
  • तो 5 दिन से कॉलेज नहीं आयी थी ना। आखिर इतनी मेहरबानी क्यों आकांक्षा जी?"
  • आकांक्षा दांत देखकर बोली "वह तनय मे मे मेरा मतलब sir वह मेरे राहु काल शुरू हो गया था।"
  • Professor तनय उसे बुरी तरह घुरते हुए बोले "अच्छा आज तुम्हारी राहु काल ठीक चल रही है?"
  • आकांक्षा दांत देखकर बोली जी। Professor तनय धीमी आबाज में बोले "ok"
  • फिर चिल्लाते हुए बोले "get out of my class." 
  • यह सुनकर दोनों ही हवा कि तरफ वहाँ से गायब हो गये।
  • Garden में 
  • आकांक्षा गुस्से में बोली "यार सुधा यह तनय ना कुछ जादा ही 
  • करता है। भला किस का boyfriend पूरी class के सामने आपनी इतनी खुबसूरत girlfriend कि insult करता है।"
  • सुधा बोली थोड़ा धीरे बोल "किसी ने सुन लिया तो problem हो जायेगी।"
  • आकांक्षा बेफ़िक्री से बोली "क्या हो जाएगा आखिर हम दोनों बचपन के दोस्त है आखिर class 11 से हम साथ हैं। और 
  • उसका सपना था कि वह professor बने इसिलिए professor बन गया। बदकिस्मती से मेरा ही teacher बन गया तो हम क्या करे?"
  • तभी एक लड़के कि आबाज आयी "hi तुम दोनों का भी पहला class miss हो गया क्या?"
  • यह सुनकर सुधा उदास लहजे में बोली "नहीं निकाल दिया गया।"
  • यह सुनकर वह लड़का बोला "ohh बाकई professor तनय बहुत streak हैं।"
  • यह कहते कहते वह आकांक्षा के पास बैठ गया।
  • आकांक्षा थोड़ा गुस्से में बोली "streak my foot"
  • यह सुनकर वह लड़का हैरान होकर बोला "what?"
  • बात को सम्भाल ने के लिए सुधा बोली "नहीं नहीं शौर्य तुम तुम गलत समझ रहे हो वह क्या हैं ना आकांक्षा को 
  • professor तनय उतने खास पसंद नहीं हैं। please तुम इसके बारे में किसी को बताना मत।"
  • यह सुनकर शौर्य ने खुशी खुशी हाँ कर दिया।
  • क्यो कि शौर्य आकांक्षा से मन ही मन प्यार करता था। जहाँ school कि सारी लड़कियाँ professor तनय पर मरते हैं
  •  वहाँ आकांक्षा के तनय को पसंद ना करने कि बात सुनकर शौर्य हबा में उड़ रहा था।
  • पहली class खत्म हो चुकी थी। तनय ने दुर से ही शौर्य को
  •  आकांक्षा से चिपककर बैठे देखा। और गुस्से में उसने आपने हाथ में रखे किताब को जोड़ से पकड़ लिया और उनकी तरफ बढ़ाने 
  • लगा। उनके पास जाकर तनय थोड़ा गुस्से में बोला "
  • तुम दोनों को class के बाहर punishment के लिए भेजा था आराम फरमाकर गप्पें मरने के लिए नहीं।"
  • यह सुनकर आकांक्षा को बहुत गुस्सा गया वह तनय के बिलकुल
  •  सामने खरी हो कर बोली "ohh thanks for your advice लेकिन आगर आप हमे में यह समझ ने कि बजाई..."
  • आकांक्षा ने तनय के हाथ से वह किताब चीनी और उसके सामने हिलाते हुए कहा "यह समझ ते तो खुशी होती।"
  • शौर्य धीरे से सुधा के पास जाकर धीमी आबाज में बोला "wow तुम्हारी दोस्त कितनी brave हैं।"
  • Professor तनय को इतनी बाते सुना रही है। और professor तनय सुन भी रहे हैं। professor तनय तो बिना किसी कि बात
  •  सुने punishment दे देते हैं। लेकिन आकांक्षा तो उलटी गंगा बाहा रही है। great... 
  • यह सुनकर सुधा मन ही मन शौर्य के उपर हँसते हुऐ बोली "ओरे
  •  girlfriend के सामने तो सैर भी भीगी बिल्ली बन जाते हैं। और यह तो हमें तनय sir हैं।"
  • आकांक्षा अभी भी class का पुरा हिसाब तनय से ले रही थी
  • । और तनय कभी सर नीचे कर जमीन को घुरता तो कभी अपनी favorite student उर्फ lovely girlfriend . 
  • फिल हाल वहाँ कोई नहीं था उन चारों के अलावा और इस
  •  garden में जादा कोई नहीं आता था। यहाँ शान्ति होती थी इसलिए आकांक्षा को यह जगह गुस्से में होने पर पसंद थी।
  •  और तनय को यह बात आच्छे से पता था। इसिलिए वह आकांक्षा को देखने वहाँ आया था। और फिलहाल डांट खा राहा था।
  • तभी तनय का phone बजने लगा। और यह देखकर आकांक्षा
  •  को तनय पर और भी गुस्सा आ गया। और वह उसे घूरने लगी।तनय ने एक नजर आकांक्षा को देखा और phone उठा लिया। 
  • Phone के दुसरी तरफ से प्यारी सी आबाज आयी, "ओरे तनय कहा हो तुम?"
  • फोलो फोलो में तनय ने भी कह दिया girlfriend से
  •  डांट खा राहा था।
  • दुसरी तरफ से वह लड़की बोली "क्या?"
  • सुधा और शौर्य मुँह खोले तनय को देख रहे थे। और आकांक्षा तनय को घुर रही थी। तनय बात को सम्भाल ने के लिए जल्दी से
  •  बोला "मे मेरा मतलब पा... पानी खा रहाँ था म... मतलब पी राहा था।"
  • तभी आकांक्षा ने तनय से उसका phone चीना और speaker पर रख दिया।
  • दुसरी तरफ से वह लड़की बोली "ohh में तो कुछ और ही समझ रही थी।"
  • यहाँ शौर्य यह सब देखकर चोक में था। 
  • वही सुधा शौर्य को देख रही थी।
  • तनय ने कहा "आ... आरना हम office में मिलते है।"
  • जल्दी से phone को काँट दिया। फिर उस आकांक्षा को देखने
  •  लगा। जो बहुत गुस्से में थी। आकांक्षा गुस्से में बोली "तुम आरना mam से office में क्यों मिलोगे?"
  • तनय बोला वह वह वह बस ऐसे ऐसे ही बा बात करने के लिए। आकांक्षा बोली "तुम उनसे क्या बात करोगे और क्यों करोगे?"
  • शौर्य मन में बोला "आप से सीधा तुम आखिर मामला क्या हैं?"
  • सुधा आपने सर पिट रही थी। तनय कुछ बोलता उससे पहले ही
  •  आरना कि call फिर से आ गयी। यह देखकर आकांक्षा गुस्से में बोली "break up जाउँ आपने उस आरना के पास।"
  • यह कहकर आकांक्षा ने सुधा का हाथ पकड़ा और वहाँ से गुस्से में चली गई। शौर्य वही खरा होकर बार बार break up 
  • शब्द को दोहरा राहा था। और तभी उसके कानो में
  •  गुस्से भरी आबाज सुनाई दिया। तनय phone उठाकर गुस्से में बोला "क्या हैं?"
  • उसका गुस्सा देख आकांक्षा थोड़ी घबरा गयी और बोली "वह वह पारुल mam cake लाइ थी। तुम काहा हो?"
  • तनय गुस्से में बोला "क्यों girlfriend हो तुम मेरी?
  •  यहाँ मेरी girl friend break up करके चली गई और तुम जाहती कि में cake खा के party करू।"
  • यह कहकर phone काट दिया और बोला भार में जाई नौकरी पहले आपनी जान को मना लू।
  • यह कहकर वह गेंद कि तरफ चला गया।
  • Car के अंदर radio बज राहा था। और आकांक्षा गुस्से में drive कर रही थी। तभी radio पर कहा जाने लगा " 
  • आज हमारे महान ज्योतिषी श्री श्री देव प्रसाद जी हमरे हाथ हैं वह हमसे कुछ जरूरी बात कहना चाहते है। " 
  • देव प्रसाद नाम सुनकर आकांक्षा का चहरा खिल उठा वह देव प्रसाद जी कि कही हर बात मानती थी। और वह उनकी fan भी 
  • थी। इसिलिए गुस्से और driving पर ना ध्यान देते हुए वह देव प्रसाद जी कि बात सुनने लगी।
  • सुधा बोली "आकांक्षा driving पर ध्यान दे बरना हमारा R.I.P हो जाएगा।"
  • आकांक्षा बोली "शांत रह ना सुनने दे।"
  • सुधा बोली "ओरे यह सब बस अन्धविश्वास से क्यों विश्वास करती है इन ढोंगियों पर?"
  • आकांक्षा बोली "देख वह साधू हैं ऋषि है ढोंगिय मत बोल।"
  • तभी Radio से आबाज आयी प्रणाम में प्रिय भक्तों में देव प्रसाद आप सब से कुछ कहना चाहता हूँ। आज वह दिन हैं जो 
  • बहुत खास है हजारों सालों में एक बार ऐसा दिन आता है। 
  • आज वह पूर्णिमा कि रात है जब समय यात्रा जैसी कही सुनी बाते हम असल जिन्दगी में कर सकते है।
  • यह सुनकर आकांक्षा जोड़ से चिल्लाते हुए बोली "wow time travel"
  • तभी सुधा ने radio बन्द कर दिया। यह देख आकांक्षा गुस्से में बोली "बंद क्यों क्या?"
  • सुधा बोली "क्या बकबास हैं time travel serially? भविष्यवाणी जैसा कुछ नहीं होता किसी को नहीं पता 
  • कब किसके साथ क्या हो जाई। तू गाड़ी चलने पर ध्यान दे बैसे भी तेरे गुस्से के चक्कर में हम ने class भी नहीं क्या?"
  • आकांक्षा बोली "हाँ हाँ विद्या कि देवी इतना ही 
  • पढ़ना पसंद होता ना तो पहला class miss नहीं होता तुम्हारा। और तुम हैं कैसे पता भविष्यवाणी सच होती।"
  • सुधा बोली "मुझे पता है।"
  • आकांक्षा बोली "कैसे?"
  • सुधा कि आखे नम हो गयी और वह बाहर कि
  •  तरफ देखकर बोली "माँ बाबा के मौत के दिन ही एक ॠषि ने भविष्यवाणी थी कि वह बहुत लम्बी आयु हैं उनकी।"
  • आकांक्षा को भी समझ आ गया कि उसे यह बात नहीं पूछनी चाहिए थी। उसने radio में गाना लगाया और कहा "चल
  •  जोड़ यार देख अभी तनय पागलों कि तरह हमें हमारी favorite जगहों पर ढूँढ राहा होगा लेकिन हम तो मसूरी जा रहे है।"
  • सुधा बोली "क्या मसूरी? क्यों?"
  • आकांक्षा बोली "long drive baby"
  • दुसरी तरफ सच में तनय आकांक्षा और सुधा को पागलो कि तरह ढूँढ राहा था। रात होने को आयी थी और तनय को
  •  अभी तक आकांक्षा का पता नहीं चल राहा था। ना ही वह phone उठा रही थी।
  • दुसरी तरफ आपने मस्ती में झूमते हुए आकांक्षा 
  • और सुधा car के अंदर ही मसूरी से आते हुए party कर रहे थे। वह दोनों गाना सुनते सुनते गा भी रहे थे 
  • तभी एक बड़ी सी कार ने आकांक्षा और सुधा के कार को तकड़ मार दिया। और आकांक्षा की गाड़ी घाई से नीचे गिरने लगी।
  •  और वह बड़ी गाड़ी का driver बिना उनके बारे में सोचे वहाँ से भाग गया।
  • यहाँ सुधा कि सांसे तो खत्म मी हो ने को आयी थी। 
  • आकांक्षा को थोड़ा थोड़ा होश था और वह बार बार धीमी आबाज में बोल रही थी "सु... सुधा सु... सुधा।"
  • तभी आकांक्षा का phone बजने लगा। आकांक्षा ने उसे उठाने कि कोशिश कि और कुछ भी करके फोन को उठा लिया।
  • दुसरी तरफ से तनय कि फिक्र भरी आबाज आयीं "hello hello आकांक्षा तुम कहा हो?"
  • आकांक्षा ने एक लम्बी सास लि और धीमी आबाज में कहा 
  • "त... त... तनय please ह... हमें बजा लो..."
  • यह कहकर वह बेहोश हो गए। और तनय बोला "hello hello hello "
  • तनय ने जल्दी से आकांक्षा के phone को track क्या। 

  • Chapter 2 - अंत ही आरम्भ

  • Acedint के बाद आकांक्षा कि आखरी line सुनकर तनय ने
  •  आकांक्षा के phone को track क्या और उन दोनों के पास पहुंच कर उन दोनों को hospital ले गया । 
  • कुछ ही देर में आकांक्षा को होश आया । उसने देखा कि तनय उसके हाथ को पकड़ कर वही बैठा हुआ है । 
  • आकांक्षा ने आपने सर पर हाथ रखा और उठने कि कोशिश
  •  करने लगी । तभी उसे इयाद आया और वह परेशान होकर बोली त .. . तनय सु.. . . सुधा काहा हैं । मुझे मुझे उससे मिलना है । 
  • यह सुनकर तनय आँखो में आँसु लिए बोला वह वह आकु वह 
  • आकांक्षा दिल तो जोड़ जोड़ से धरक राहा था । 
  • तनय अपनी जगह से उठकर आकांक्षा को आपने गले से लगा लिया 
  • आकांक्षा परेशान होकर बोला क्या क्या हुआ वह ठीक ठीक हैं ना ?
  • तनय उससे दुर हुआ और आँखो में आँसु लिए आँखो बन्द कर सर को ना में हिला देता है । 
  • यह देखकर आकांक्षा जोड़ से चिल्लाती है नहीं और फूट-फूट कर रोने लगती है । 
  • आकांक्षा अभी भी रोते रोते सुधा कि body के पास बैठी हुई थी ।
  •  आकांक्षा ने सुधा का हाथ पकड़ कर उसे बार बार बापस आने के लिए कह रही थी । 
  • वह इयाद कर रही थी कि कैसे school में वह दोनों मिले थे । और best friend बन गये थे । लेकिन सुधा के माँ बाबा के मौत के
  •  बाद सुधा अनाथालय चली गई थी । और पुरे एक दिन तक आकांक्षा ने कुछ नहीं खाया था । और फिर उसके जींद में आकर
  •  आकांक्षा के माता पिता ने सुधा को गोंद ले लिया था । लेकिन इस दुनिया में सुधा को आकांक्षा के अलावा कोई प्यार नहीं करता था 
  •  आकांक्षा के माता पिता ने कभी सुधा को नहीं अपनाया । आकांक्षा जब तनय से मिली थी तब से तनय को पता था कि आकांक्षा के
  •  लिए सुधा से बढ़कर कुछ नहीं हैं इसलिए तनय ने भी सुधा का खयाल एक भाई कि तरह रखा । इस दुनिया में सुधा तो जैसे सिर्फ
  •  और सिर्फ आकांक्षा और तनय के लिए ही जिन्दा थी । लेकिन आज उन दोनों कि बजह से ही वह .. . . . 
  • यह सोचते सोचते आकांक्षा और भी रोने लगी । तनय room के अंदर आया और आकांक्षा गले से लगा लिया । 
  • आकांक्षा ने सुधा के चहरे को देखा जो पुरी तरह खराब हो चुका था
  •  । आकांक्षा ने तनय से रोते हुए काहा तनय हमारी बजह से सुधा कि यह हालत हैं क्या उसे इस बार एक ऐसी जिन्दगी मिलेगी जिसमें
  •  दुनिया कि हर खुशी मेरी बहन मेरी दोस्त को मिले । वह बहुत आच्छी थी तो उसके साथ इतना बुरा क्यों? क्यों क्यों तनय 
  • यह कहते हुए आकांक्षा बेहोश हो गए । और तनय उसे वहाँ से लेकर चला गया ।
  • विधि विधान के साथ सुधा का अन्तिम संस्कार हुआ । 
  • 🙏🙏🙏🙏🙏
  • अंत ही आरम्भ 
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  • एक सुंदर सी लड़की बिस्तर पर उठकर बैठ गयी जैसे वह 
  • किसी बुरे सपने से बाहर आयी हो । और वह इधर-उधर देखने लगी वह धीमी आबाज में आपने चहरे को छूते हुए बोली में काहा हूँ । 
  • उस लड़की को होस आता देख वहाँ खरी एक लड़की खुशी से उस लड़की के पास गयी और बोली राजकुमारी आप को होश आ गया? 
  • यह सुनकर सुधा बोली राजकुमारी कोन राजकुमारी? 
  • वह लड़की बोली आप और कोन ? में अभी रानी सा को बता कर आती हूँ । 
  • यह कहकर वह हबा कि तरह गायब हो गयी । 
  • वह लड़की बोली आखिर में काहा हुए 
  • यहाँ के बिस्तर कितने अजीब हैं । 
  • तभी एक आबाज आयी सुधा 
  • आपना नाम सुनकर सुधा हैरान होकर बोली 
  • कोन हो तुम में काहा हूँ 
  • आवाज बोला तुम मर चुकी हो । 
  • सुधा बोली क्या? में भुत हूँ । 
  • यह कहकर वह इधर-उधर देखने लगी । और बोली यह भूतों का शहर है । लेकिन मुझे पता भूत जैसे कुछ नहीं होते । 
  • वह आवाज बोला क्यों भगवान होते हैं तो भुत क्यों नहीं ? 
  • सुधा बोली वह सब जोड़ों तुम यह बताउं तुम कोन हो, काहा हो और मे काहा हूँ, और और हाँ तुम मेरा नाम कैसे जानते हो । 
  • तभी आबाज बोला मे यहाँ हूँ । 
  • सुधा ने आबाज का पीछा क्या तो खिड़की पर एक 7-8 साल का बच्चा बैठा था । 
  • सुधा बोली तुम कोन हो? में तुम हैं नहीं जानती लेकिन तुम मेरा नाम कैसे जानते हो ? 
  • वह बच्चा मुस्कान के साथ बोला मे एक system हूँ जो लोगों को अलग अलग दुनिया में travel कर सकता है । 
  • सुधा बोली तुम्हारा मतलब time travel से तो नहीं हैं ना ? देखों बच्चे मुझे बेबकूफ मत बनाऊं । 
  • वह बच्चा इयानी system बोला तुम ने time travel क्या हैं 
  •  लेकिन यह पैरेलेल यूनिवर्स हैं । जाहा तुम्हारी दुनिया से समय थोड़ा धीमे चलता है । ok इतना जानना तुम्हारे लिए काभी हैं । 
  • सुधा बोली रूको । 
  • System बोला पूछो । 
  • सुधा बोली वहाँ मेरा क्या हुआ? 
  • System बोला तुम मर गयी और क्या ? 
  • सुधा बोली लेकिन मे यहाँ आयी कैसे और यह शरीर किसकी हैं? 
  •  System बोला इस लड़की कि आत्मा मर गयी हैं और उसकी जगह तुम्हारी आत्मा इस लड़की के अंदर आ गया है । आज महा
  •  पूर्णिमा थी सायद तुम्हारी किस्मत आच्छी इसलिए जिन्दा हो । 
  • यह सुनकर सुधा बोली lucky और में । 
  • वह एक दर्द भरी मुस्कान के साथ बोली । 
  • System बोला by 
  • और system हबा में ही गायब होने लगा । तभी 
  • सुधा को एक बात इयाद आयी और वह बोली लेकिन मे तो यहाँ किसी को नहीं जानती? 
  • System मुस्कान के साथ बोला जैसे जैसे तुम सब 
  • से मिलों गी जगहों को देखो कि तुम है पता चल जायगा कि वह कोन है तुम्हारा क्या रिश्ता हैं उससे । good by
  • System वहाँ से गायब हो चुका था । और तभी कोई कमरे के अंदर आया । 
  • सुधा दरबाजे कि तरफ देखने लगी वहाँ से एक 45 -46 साल कि औरत अंदर आयी और फिक्रमंद होकर सुधा के सर को 
  • सहलाते हुए बोली क्यों करते है आप ऐसा? आपकों पता है कि हम आप से कितना प्यार करते है । 
  • यह सुनकर सुधा मन में बोली आखिर उस लड़की कि माँ मेरे मतलब मेरी माँ मतलब उसकी माँ .. . 
  • खेर जोड़ों पता तो नहीं कि क्या किया था इस लड़की ने लेकिन sorry बोलने में ही भलाई है ।
  • सुधा बोली sorry mom 
  • वह औरत बोली क्या ? 
  • सुधा बोली मे . मेरा मतलब मांफी मासा । 
  • यह सुनकर वह औरत मुस्कुराते हुए बोली ठीक ठीक आप जल्दी से आ जाइये हम आपका खाने पर इन्तजार कर रहे हैं 
  • यह सुनकर सुधा बोली जी मासा । 
  • उनके जाते ही सुधा बोली पहले खुद के बारे में पता तो कर लू । पर कैसे 
  • फिर वह बोली आइना फिर इधर उधर आइना ढूंढ ने लगी पर उसे वहाँ कुछ नहीं दिखा । लेकिन एक पात्र दिखा जाहा पानी था ।
  •  उसने आपना चहरा देख और चोक हो गयी । और जोड़ से चिल्लाती है । 
  • तभी बाहर खरे नोकर अंदर आकर बोले राजकुमारी जी आप ठीक तो हैं ना ? 
  • सुधा जल्दी से बोली हाँ हाँ । आप लोग जाईये । 
  • नोकरोके जाते ही सुधा आपने चहरे को छूते हुए बोली यह में ही हूँ ना ? में कितनी खुबसूरत बन गयी हूँ । मेरे चहरे पर दाग भी नहीं हैं 
  •   सुधा के माता पिता का car acedint हुआ था । उस car में सुधा भी थी । उसके माता पिता तो नहीं रहे लेकिन सुधा 
  • जिन्दा बस गयी । लेकिन उसके चहरे पर बहुत सारे निशान बन गये जिस बजाह से भी लोग उसे दुर रहते थे । दड़ाबना कहकर । 
  • सुधा ने काहा इस लड़की का नाम राजकुमारी देवश्री हैं । और आज से यही मेरी पहचान हैं । 
  •  राजकुमारी देवश्री बल्लभगढ़ के राजा महाराज अंशुमाली सिंह और महारानी प्रवाहि कि बेटी थी । और दुनिया कि 
  • सब से खुबसूरत लड़की भी । जिस करण राजकुमारी देवश्री को खुद पर बहुत घमंड था । 
  •       असल में महाराज अंशुमाली ने राजकुमारी देवश्री कि शादी
  •  राजकुमार देव के साथ करबना चाहते थे । लेकिन शादी करने से भाग ने के लिए राजकुमारी देवश्री पानी में कूद परी लेकिन 
  • अनजाने में ही उसकी मौत हो गयी । एक ही समय मे अलग-अलग जगह पर राजकुमारी देवश्री और सुधा कि मौत हुई वह भी 
  • acedintly इसलिए दोनों कि आत्मा एक दुसरे में आ गयी और सुधा ने एक नई जिन्दगी पाई । 
  •   राजकुमारी देवश्री बहुत ही घमंडी और बद्तमीज़ थी ।
  •  राजकुमारी देव 18 साल कि थी । वही 22 साल सुधा भी अब 18 साल कि खुबशुरत लड़की बन चुकी थी । 
  • सुधा मतलब राजकुमारी देवश्री बहुत खुश थी । इसिलिए वह
  •  नाचते-गाते कमरे को सजाइए हुए फूलों को खुद के उपर डालकर नाच रही थी । तभी कमरे एक नकरानी आयी । किसी को 
  • आता देख सुधा मतलब राजकुमारी देवश्री दड़ गयी क्यों कमरे की हालत उसने बहुत ही खराब कर दि थी । 
  • नकरानी के आते ही सुधा मतलब राजकुमारी देवश्री बोली ohh sorry sorry में अभी साफ कर देती हूँ । 
  • यह सुनकर नकरानी जिसे sorry का मतलब तो समझ नहीं आया लेकिन बाकी बातो को समझ कर बोली ओरे ओरे राजकुमारी 
  • आप यह सब साफ कुछ कर रहे हैं । यह हम साफ कर देंगे आप को महारानी ने इयाद क्या हैं । 
  • सुधा मतलब राजकुमारी देवश्री खुद से बोली ओरे सुधा यह
  •  आकांक्षा का घर थोड़ी हैं यह तो तेरा घर हैं । कोई तूझे क्यों डांटेगा । तू कैसे भुल गयी सुधा नहीं नही राजकुमारी देवश्री
  •  समय यात्रा का पहला दिन हैं तेरा आज चल थोड़ा आपने घर को नहीं नही महल को तो देख ले । 
  • यह कहकर वह उछल ते कूदते बाहर चली गयी । जगहों को देखकर उसे उन जगहों के बारे में इयाद आ राहा था । वह एक फूलों के
  •  बागीचे में गयी । और वहाँ के पेड़ से गिर रहे फूलों के नीचे खरे होकर वह गोल गोल घुमने लगी । जैसे वह कोई छोटी बच्ची हो । 
  • उसे ऐसे देख नोकर चाकर के साथ महाराज
  •  अंशुमाली भी हैरान थे । और दुर खरे होकर आपनी प्यारी थी बेटी को मुस्कुरा ते हुए देख रहे थे । 
  • तभी उन्हें ऐसे मुस्कुराता देख महारानी प्रवाहि भी उनके पास आकर बोली महाराज आप इतना मुस्कुरा क्यों रहे ? 
  • महाराज अंशुमाली इसारा करते हुए बोले देखिये तो हमारी पुत्री को 
  • यह सुनकर महारानी प्रवाहि ने भी उस तरफ देखा तो उन्हें भी हसीं आ गयी । 
  • देवत्री जमीन में गिरे फूलों को हाँथ में लेकर हबा में उछाल रही थी । बिल्कुल एक छोटी बच्ची कि तरह । 
  • महारानी प्रवाहि बोली आपा नहीं होश में आने के बाद से ही
  •  कुछ अलग अलग लग रही है आपको पता है आज हमारी पुत्री ने मांफी माँगी । 
  • महाराज अंशुमाली हैरान होकर बोला क्या सच में ? वह तो बढ़ी से बढ़ी गलती करने पर भी मांफी नहीं मांगती । 
  • महारानी प्रवाहि बोली पता नहीं शायद हमारी बेटी समझदार हो गयी हैं । और बड़ी भी । 
  • यह सुनकर महाराजा अंशुमाली का चहरा कठोर हो गया वह बोले अगर हमारी पुत्री को शादी नहीं करनी तो हम उनकी शादी नहीं
  •  करायेंगे । अपने देखा ना आज उनकी जान भी जा सकती थी । हम अपनी पुत्री को खोना नहीं जाहते । 
  • यह कहकर वह फिर से राजकुमारी देवश्री को देखने लगे । वही इस बात को जोड़ कर महारानी प्रवाहि भी अपनी बेटी को देखने लगे । 

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